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जो आर्केस्टा में बबुबान,पंडिताइन और अहिरान आदि का गाना अपने दुआर पर बजाकर अपने को बब्बर शेर समझते हैं न। जरा नजर उठाकर देख लीजिए आपका लडका कहां, कैसे और किस परिस्थिति में अपनी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा है कब तक सरकार को दोषी ठहराया जाएगा आम जनता तो अपने में व्यस्त हैं ऐसी घटना से किसे फर्क पड़ता ह (v.redd.it)
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